इतवाउत्तर प्रदेशगोंडागोरखपुरबस्तीलखनऊसिद्धार्थनगर 

“रातों-रात गायब हो गया पूरा जंगल: बस्ती के नटवरलाल ने 80 हजार के पेड़ 38 हजार में बेचे!”

"बस्ती में 'हरे सोने' की डकैती: मालिक लखनऊ में, पीछे से दबंगों ने कटवा डाले 25 कीमती पेड़"

अजीत मिश्रा (खोजी)

🚨बस्ती: 38 हजार के लालच में काट डाला 80 हजार का ‘हरा सोना’🚨

🌳नटवरलाल की करतूत: दूसरे की जमीन से रातों-रात गायब हो गया पूरा जंगल, पीड़ित ने लगाई गुहार

🌳”गहने-पैसे तो पुरानी बात, अब खेत से ‘पेड़’ ही चुरा ले गए चोर; दुबौला पुलिस के पास पहुंचा अनोखा केस”

ब्यूरो रिपोर्ट: बस्ती मंडल, उत्तर प्रदेश

बस्ती। जनपद के कप्तानगंज थाना क्षेत्र से चोरी का एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसे सुनकर हर कोई दंग है। अमूमन गहने और नकदी की चोरी तो सुनी थी, लेकिन यहाँ तो दबंगों ने दूसरे की जमीन पर खड़ा पूरा ‘जंगल’ ही पार कर दिया। मामला दुबौला पुलिस चौकी क्षेत्र के सुअरबरवा का है, जहाँ गाटा संख्या 167 में लगे कीमती पेड़ों पर चोरों ने कुल्हाड़ी चला दी।

🔔सन्नाटे में बदला हरा-भरा खेत

पीड़ित शेषमणि के अनुसार, उनकी जमीन पर लिप्टस के लगभग 24 से 25 विशाल पेड़ लगे थे। 25 मार्च तक जहाँ हरियाली लहलहा रही थी, वहीं 26 मार्च को जब वे मौके पर पहुंचे तो वहां सिर्फ ठूंठ और सन्नाटा पसरा था। पीड़ित का आरोप है कि उनकी अनुपस्थिति का फायदा उठाकर गांव के ही एक ‘नटवरलाल’ ने कौड़ियों के दाम पर उनके पेड़ों का सौदा कर दिया।

🔔सस्ते सौदे ने खोला चोरी का खेल

सूत्रों की मानें तो इस खेल में ऊँचे मुनाफे का लालच शामिल था। आरोपी ने ठेकेदार बबलू को गुमराह कर करीब 80 हजार रुपये की कीमत वाले इन पेड़ों को महज 38 हजार रुपये में बेच दिया। सस्ते सौदे के चक्कर में ठेकेदार ने भी बिना कागजात देखे रातों-रात पेड़ों का कत्लेआम कर दिया और लकड़ी उठाकर रफूचक्कर हो गया।

“मेरी मेहनत की कमाई पर डाका डाला गया है। बिना किसी सूचना के मेरे पेड़ काट लिए गए। मैंने पुलिस को लिखित शिकायत दी है और उम्मीद है कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।” — शेषमणि (पीड़ित)

🔔पुलिस की रडार पर ‘पेड़ चोर’

पीड़ित ने इस संबंध में दुबौला पुलिस चौकी में नामजद तहरीर दी है। अब देखना यह है कि क्या पुलिस इन ‘पर्यावरण के दुश्मनों’ और जालसाजों को सलाखों के पीछे भेज पाती है या नहीं। यह मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है कि कैसे दिनदहाड़े किसी की निजी संपत्ति को कौड़ियों के दाम बेचकर उजाड़ दिया गया।

Back to top button
error: Content is protected !!